FunSutra Community
May 21, 2012, 05:13:01 PM *
Welcome, Guest. Please login or register.

Login with username, password and session length
News: SMF - Just Installed!
 
   Home   Help Search Login Register  
Pages: [1]   Go Down
  Print  
This topic has not yet been rated!
You have not rated this topic. Select a rating:
Author Topic: Ek Farishta  (Read 881 times)
0 Members and 1 Guest are viewing this topic.
Admin
♥♥ King of Hearts ♥♥
Administrator
Hero Member
*****

Karma: 3
Offline Offline

Gender: Male
Posts: 30543



View Profile
« on: October 10, 2007, 04:39:10 AM »

कुछ दिन पूर्व मेरे बचपन का साथी काफी समय पश्चात मुझ से मेलने मेरे घर आया ।  हम दोनों घर की छत पर आराम से बैठ कर बातचीत कर रहे थे ।  पास में ही मेरा डेढ़ साल का बेटा खेल रहा था ।  हम दोनों बातचीत में इतने मगन हो गए कि मुझे अपने बेटे का बिलकुल ध्यान ही नहीं रहा ।  तभी अचानक मेरे पड़ोस से एक महहिला के जोर से पुकारने की आवाज सुनाई पड़ी ।  वह महिला हमें मेरे बेटे के बारे में सतर्क कर रही थी जो खुली छत के किनारे पर पहुंच चुका था ।

उस महिला की आवाज सुन कर जैसे ही मैंने अपने बेटे की ओर नजर उठाई तो मेरे होश उड़ गए और मैं अपने स्थान पर जड़वत हो कर रहा गया ।  पर मेरे मित्र ने तेजी से दौड़त हुए मेरे बेटे को छत के किनारे से उठा लिया ।  इस में क्षणभर की भी देरी होने पर शायद मेरा बेटा छत से नीचे गिर गया होता ।

मैंने अपने मित्र को हार्दिक धन्यवाद देते हुए अपने बेटे को सीने से लगा लिया ।  मैं उम्र भर उस महिला के प्रति आभारी रहूंगा जिस के द्धारा सतर्क किये जाने के कारण ही मेरे बेटे के साथ अनहोनी घटना घटने से टल गई ।
 
Logged

Pages: [1]   Go Up
  Print  
 
Jump to:  

Powered by MySQL Powered by PHP Powered by SMF 1.1.4 | SMF © 2006-2007, Simple Machines LLC Valid XHTML 1.0! Valid CSS!